33 वर्ष बाद घर-घर जाकर वोट मांगेंगे दिग्गी राजा, यहीं से इस्तीफा देकर बने थे मुख्यमंत्री

लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस पार्टी ने दिग्गी राजा के नाम से विख्यात मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पार्टी के कद्दावर नेता दिग्विजय सिंह को राजगढ़ लोकसभा सीट से अपना प्रत्याशी बनाया है। राजगढ़ लोकसभा सीट दि​ग्विजय सिंह के लिए नई नहीं है। वह पूर्व में भी दो बार इसी सीट से सांसद रहकर संसद में पहुंच चुके हैं। वर्तमान में उनका मुकाबला भाजपा के दो बार के सांसद से हैं। जिसके लिए पार्टी एवं खुद दि​ग्विजय सिंह ने रणनीति बनाई है।

राजगढ़ लोकसभा सीट की बात करें तो यहां आठ विधानसभाएं हैं। जिनमें चाचौडा, राघोगढ़, नरसिंहगढ, ब्यावरा, राजगढ़, ​खिलचीपुर, सुसनेर, सारंगपुर है। जहां तीसरे चरण यानी कि 7 मई को वोट डले जाएंगे। वहीं नामांकन की प्रक्रिया 12 अप्रेल से शुरु होगी। लेकिन नामांकन से पूर्व ही दोनों पार्टियां यानी कि भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस जनता तक पहुंच जाना चाहती है। कांग्रेस भी रणनीति बनाने में लगी हुई है।

कांग्रेस द्वारा 31 मार्च से यात्रा निकालने का निर्णय लिया गया है। राजगढ़ लोकसभा क्षेत्र की आठों विधानसभाओं में यात्राएं निकाली जाएगी। आपको बता दें कि पैदल यात्रा के माध्यम से प्रत्येक विधानसभा में 25 से 30 किमी की दूरी तय की जाएगी। सायं होने पर उसी विधानसभा क्षेत्र के किसी गांव में रात्रि में विश्राम होगा। विश्राम से पूर्व वहां चौपाल का आयोजन होगा। चोपाल के दौरान अपनी बात कहने के साथ जनता के दुख एवं दर्द को सुना जाएगा।

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दिग्विजय सिंह 33 वर्ष पूर्व भी यहां से सांसद चुने गए थे। आपको बता दें कि दिग्गी राजा यहा से दो बार सांसद रह चुके हैं। उन्होंने 1984, 1989 और 1991 में यहां से चुनाव लडा था। जिसमें 1989 में भाजपा के प्यारेलाल खंडेलवाल से उनको ​शिकस्त मिली थी। 1993 में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने तो यहीं से इस्तीफा दिया था। इसके बाद पार्टी ने उनके छोटे भाई लक्ष्मण सिंह पर अपना भरोसा जताया था।

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