सीएम को मिली मूर्ति को सही कार में नहीं रख पाए एएसआई एवं कांस्टेबल, फिर पुलिस अधीक्षक ने किया कुछ ऐसा………

वर्तमान में लोकसभा चुनाव पूरे चरम पर है। तीन चरण के चुनाव संपन्न हो चुके हैं। इस दौरान सभी दलों के नेताओं द्वारा बयानबाजी की जा रही है। नेताओं द्वारा अपने विरो​धियों को निशाने पर लिया जा रहा है। इस दौरान उनके द्वारा दिए गए बयान चर्चा का विषय बने हुए हैं। लेकिन यहां तो कुछ और ही चर्चा का विषय बना हुआ है। सागर पुलिस अधीक्षक की कार्रवाई से हर कोई हतप्रभ है। कार्रवाई की चारों ओर चर्चा हो रही है।

दरअसल पूरा मामला यह है कि रविवार को जनसभा को संबो​धित करने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री राहतगढ़ आए थे। यहां पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उनको जोरदार स्वागत एवं सम्मान किया। इस दौरान उनको एक मूर्ति गिफ्ट में दी गई थी। मुख्यमंत्री तो जनसभा को संबो​धित करके दूसरी जगह चले गए। लेनि मूर्ति मुख्यमंत्री हाउस तक नहीं पहुंच सकी। मुख्यमंत्री हाउस तक मूर्ति नहीं पहुंचने की जानकारी सागर जिला प्रशासन को मिली तो हडकंप मच गया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को मिली मूर्ति मुख्यमंत्री हाउस तक नहीं पहुंचने पर मुख्यमंत्री हाउस से पूरी जानकारी जिला प्रशासन को दी। मूर्ति गायब होेने की जानकारी मिलने पर जिला प्रशासन में हडकंप मच गया। आनन-फानन में मूर्ति को तलाशने का कार्य किया गया। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने मूर्ति की तलाश कर ली। तलाश करने के बाद मूर्ति को मुख्यमंत्री हाउस ​​भिजवा दिया।

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सागर जनपद के पुलिस अधीक्षक अ​​भिषेक तिवारी ने बताया कि मूति की जिम्मेदारी एएसआई एवं कांस्टेबल की थी। दोनों ने मूर्ति को सही कार में रखने के बजाए दूसरी कार में रख दिया। अपने कार्य में लापरवाही बरतने पर पुलिस अधीक्षक ने दोनों को निलंबित कर दिया। पुलिस अधीक्षक द्वारा की गई कार्रवाई से हडकंप मच गया। पुलिस अधीक्षक की कार्रवाई चर्चा का विषय बना हुआ है।

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