भोपाल में बेटे का मां के लिए गजब प्यार, उनके जाने के बाद बनवाई हूबहू मूर्ति, जिंदा इंसान की तरह करते हैं व्यवहार

आज मदर्स डे (Mothers Day) है और इस दिन को खासतौर पर मां को समर्पित किया गया है। वैसे मां की बात करें तो यह सिर्फ एक शब्द नहीं है। मां शक्ति का प्रतीक है या ममता का सागर है। मां के प्रेम, दुलार और समर्थन से जीवन में कुछ भी पाया जा सकता है और सफलता तुम्हारे कदम चूमने लगती है। यही नहीं सभी धर्मों और संस्कृति में मां को धरती से बड़ा बताया गया है। वहीं मध्य प्रदेश राजधानी भोपाल में तो एक बेटे ने मां को सच्ची श्रद्धांजलि दी। दरअसल बेटे ने अपनी मां की मूर्ति बनवा दी।

मां का 2021 हुआ निधन

बता दें कि इस बेटे की मां का नाम अर्चना शुक्ला है और इनका निधन 14 फरवरी, 2021 को हुआ था। अर्चना शुक्ला की मौत 58 साल की उम्र में कोमा और कार्डियक अरेस्ट की परेशानी झेलते हुए हुई। इसके बाद परिवार ने ऐसा अविश्वसनीय काम किया, जिसे जानकर आप सोच में पड़ जाएंगे।

दरअसल अर्चना शुक्ला के बेटे कुलदीप शुक्ला ने अपनी मां के जैसी सिलिकॉन मूर्ति बनवा ली। अर्चना के 34 साल के सरकारी अधिकारी बेटे कुलदीप शुक्ला ने कहा कि हमें इससे महसूस होता है कि मां हमारे आसपास हैं।

कुलदीप ने कहा कि एक पास के ही कलाकार ने उन्हें मूर्ति बनवाने का सुझाव दिया था, जो मुझे बहुत पसंद आया। उन्होंने कहा कि कोलकाता में एक कलाकार मिला, जो मां की मूर्ति बनाने के लिए तैयार हो गया। कुलदीप मूर्ति बनवाते समय छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देते थे।

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उन्होंने शुरू में कलाकार की 15 कोशिशों को मना कर दिया। इसके बाद आखिर कलाकार ने वो मूर्ति बना ही दी, जैसी कुलदीप को चाहिए थी। कलाकार ने कुलदीप की मां अर्चना शुक्ला से हूबहू मिलती हुई मूर्ति बना दी। इस मूर्ति को बनाने में 4 रुपये की लागत आई और इसकी गारंटी 50 साल की है।

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कुलदीप ने कहा कि यह एक ‘उत्कृष्ट कृति’ थी। बता दें कि कुलदीप पहले एक वृद्धाश्रम ‘आसरा’ में मां की मूर्ति लगाना चाहते थे। कुलदीप की मां के साथ रहने या उनकी उपस्थिति की इच्छा पूरी हुई। अर्चना शुक्ला से मिलती उनकी सिलिकॉन की मूर्ति को देखकर लोग दंग रह जाते हैं। पूरा परिवार मूर्ति के साथ ऐसा व्यवहार करता है जैसे वह जीवित हों। सर्दियों में मूर्ति को गर्म कपडे पहनाते हैं और गर्मियों में एसी चालू रखते हैं।