Electricity: यूनाइटेड फोरम की ऊर्जा मंत्री के साथ अहम बैठक सम्पन्न

Electricityभोपाल. Electricity निजीकरण को लेकर 5 सूत्री मांगों पर विस्तार से मंत्री जी से सकारात्मक चर्चा हुई। 5 सूत्रीय मांग पत्र पर प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं प्रबंधन के साथ मीटिंग निर्णायक बैठक बहुत जल्द बैठक में यूनाइटेड फोरम के प्रदेश संयोजक श्री के.एस. परिहार ने 5 सूत्रीय मांगों पर माननीय मंत्री को निम्न जानकारी दी।

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1. Electricity कंपनियों के निजीकरण का विरोध में माननीय मंत्री जी को बताया गया कि निजीकरण करना समस्या का हल नहीं है वर्तमान व्यवस्था में सुधार करना ही उचित रहेगा। उपरोक्त बिंदु पर, मंत्री ने कहा कि हमें विचार करना चाहिए कि Electricity निजीकरण क्यों हो रहा है,

यदि Electricity क्षेत्र मजबूत है, तो निजीकरण आवश्यक नहीं है, जिस पर संगठन को बताया गया था कि सरकार की गलत नीतियों के कारण विभाग घाटे में चल रहा है। विभाग के मुख्य अभियंता Electricity बोर्ड के समय थे। और आज विभाग का प्रमुख आईएस है जो हर 3 साल में बदल दिया जाता है,

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जिससे Electricity क्षेत्र में लगातार बदलाव होते हैं और विभाग घाटे में चला जाता है। सरकार द्वारा बिजली विभाग को अभी तक नहीं दी गई 16000 करोड़ रुपये की सब्सिडी पर विचार करना आवश्यक है, आज संरचना को पुनर्जीवित नहीं किया गया है,

हम कम संसाधनों वाले कम अधिकारियों और सुधार की आवश्यकता के बीच भी लगातार व्यवस्था बनाए हुए है। सभी Electricity अनुबंध कर्मचारियों को नियमित करने के लिए, संगठन द्वारा संगठन को बताया गया था कि पिछले 10 से 12 वर्षों से 6000 बिजली अनुबंध कर्मचारी बिजली विभाग में काम कर रहे हैं।

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जो विभाग द्वारा भर्ती विज्ञापन के माध्यम से भर्ती हुए हैं अनुभवी कर्मचारी हैं जन संकल्प 2013 में नियमित करने के लिए सरकार ने संकल्प भी दिया था, उक्त बिंदु पर माननीय मंत्री द्वारा बताया गया कि मेरे संज्ञान में यह मुद्दा पहले से है,

और मैं इस बार काम भी कर रहा हूं रिजल्ट भी आपको बहुत जल्द दिखाई देगा मैं पहले से कुछ नहीं बोल सकता लेकिन है सही है कि हमारे कर्मचारी बहुत अनुभवी हैं और लगन से काम भी कर रहे हैं.

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3. समस्त बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों को तेलंगाना सरकार की तरह संविलियन किया जाए संगठन की ओर से मंत्री जी को 35000 आउटसोर्स कर्मचारियों के संविदा में परिवर्तन करने के लिए प्रपोजल किया गया माननीय मंत्री जी को बताया गया,

कि आज हम प्राइवेट ठेकेदार को जीएसटी और कमीशन देते हैं इसी व्यवस्था में सुधार किया जाए और बिजली कंपनियों से इन कर्मचारियों को बिजली कंपनियों से प्रत्यक्ष भुगतान दिया जाना चाहिए, जिसमें हमारे जीएसटी और कमीशन की बचत होगी,

जिससे हमारे आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन भी बढ़ेगा और उनका भविष्य सुरक्षित होगा। माननीय मंत्री जी, यह कहते हुए कि उक्त सुझाव सकारात्मक है, उन्हें इस मुद्दे पर विस्तृत कार्य करने के लिए कहा गया।

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4. मध्यप्रदेश में पेंशन की समुचित व्यवस्था ना होने का ध्यान माननीय की ओर आकर्षण किया गया एवं पेंशन ट्रस्ट में कंपनियों द्वारा कोई फंड जमा ना करने की ओर ध्यान दिलाया गया। माननीय द्वारा इस पर विचार करने का आश्वासन दिया,

एवं फोरम द्वारा माननीय से पेंशन की व्यवस्था उत्तर प्रदेश की तर्ज पर ट्रेजरी से करने की मांग की गई जिस पर ऊर्जा मंत्री ने बहुत जल्द सकारात्मक परिणाम का आश्वासन दिया।

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5. (अ) कंपनी कैडर कर्मचारियों के वेतनमान में छठवें एवं सातवें वेतन निर्धारण के समय मूलवेतन संरचना परिवर्तन एवं 03+ जैसी गंभीर विसंगति पैदा कर दी गई है, एक ही काम के लिए दो प्रकार की सैलरी दी जा रही है, जो स्वयमेव पूर्णतः नाजायज है,

इसी प्रकार की विसंगति बहुत से कर्मचारियों के साथ की गई है वेतन विसंगति को जल्द से जल्द हल किया जाना चाहिए, जिस पर मंत्री ने सकारात्मक विचार दिया और वेतन विसंगति को जल्द दूर करने का आश्वासन दिया।

(ब.) नियमित कर्मचारी संविदा कर्मचारियों को पचास 50% छूट एवं पेंशनर कर्मचारियों को 25 परसेंट बिल में छूट दी जाए मंत्री जी ने आश्वासन दिया बहुत जल्द इस मुद्दे पर आप को सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।

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(स) कोरोना अवधि में वेतन में वृद्धि और डी.ए. रोक दिया गया था, इसे शुरू किया जाना चाहिए, इस मुद्दे को मंत्री के सामने रखा गया था, जिस पर माननीय मंत्री को बताया गया था कि हमारी वर्तमान स्थिति अभी तक नहीं है,

कि हम कर्मचारियों को वेतन देने के लाले पड़े हों, कम संसाधनों में भी हम अच्छा काम कर रहे हैं हमारी रुकी हुई वेतन वृद्धि और डी.ए. कर्मचारियों को दिया जाए ताकि हमारा विद्युत अधिकारी कर्मचारी उत्साह से काम करें जिस पर मंत्री जी बहुत सकारात्मक थे,

और बहुत जल्द मुख्यमंत्री महोदय से बात कर रुका हुआ डी.ए. देने के लिए कहा। यूनाइटेड फोरम की बैठक में, 5 बिंदुओं पर सकारात्मक चर्चा की गई। सभी बिंदुओं पर सकारात्मक चर्चा रूप से हुई एवं माननीय मंत्री द्वारा यह आश्वस्त किया गया,

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कि जल्द से जल्द इन सभी मुद्दों पर प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं प्रबंधन के साथ मीटिंग कर सभी मुद्दों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा, मीटिंग के दौरान ऊर्जा मंत्री महोदय ने प्रमुख सचिव ऊर्जा को फोन के द्वारा,

मध्य प्रदेश यूनाइटेड फोरम की 5 सूत्री मांगों से अवगत कराया और माननीय ऊर्जा सचिव महोदय को फोरम के बिंदुओं पर संज्ञान लेते हुए मीटिंग करने के लिए कहा गया। बैठक में शामिल संगठन के प्रांतीय सहसचिव प्रदीप कुमार द्विवेदी ने बताया,

कि चर्चा के दौरान संगठन के प्रदेश कार्यकारिणी संयोजक व्ही.के.एस. परिहार सहित फोरम कोर कमेटी के आर एस कुशवाहा, एल.के. दुबे, एस.के. पचौरी, लोकेंद्र श्रीवास्तव, इंजी. पवन जैन, इंजी. के.आर. व्यास,जे.एल. तेजराज, आर एन एस ठाकुर, अशोक जैन, सुभाष व्यास, शंभूनाथ सिंह, दुर्गेश पाराशर, सुरेश त्रिवेदी, कुमारी स्वर्णलता, मुकेश वर्मा, अजय ठाकुर आदि सदस्य उपस्थित रहे।

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