सामान खरीदा नहीं और हो गया भुगतान, जांच हुई तो मामला आया सामने, अब दर्ज हुआ मुकदमा

मध्य प्रदेश की नगर परिषद कैलारस से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां सामान की खरीदी किए बिना ही करोड़ों का भुगतान कर लिया गया। ईओडब्ल्यू द्वारा की गई जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। कारवाई से अधिकारियों और कर्मचारियों ने हड़कंप मचा हुआ है। मामले की ​​शिकायत पर कार्रवाई की गई है। जिसमें तात्कालीन आठ कर्मचारियों एवं अ​धिकारियों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

ग्वालियर की आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ इकाई में 2023 में एक शिकायत की गई थी। शिकायत में शिकायतकर्ता ने नगर परिषद कैलारस में आर्थिक भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाते हुए जांच कराने की मांग की थी। शिकायती पत्र में कहा था कि 2020 से लेकर 2022 के बीच जमकर घोटाला हुआ है। ​शिकायतकर्ता ने ​शिकायती पत्र के साथ साक्ष्य भी उपलब्ध कराए थे।​ जिनके आधार पर जांच की गई।

शिकायती पत्र मिलने के बाद ग्वालियर की आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ इकाई ने जांच शुरु की तो एक बार तो अधिकारी भी चौंक गए। जानकारी देते हुए कार्यवाहक निरीक्षक डा. जय सिंह यादव ने कहा नगर परिषद कैलारस में 180 बिल के माध्यम से 14175825 रुपए का गवन किया गया है। 180 बिल के माध्यम से निकाली गई रकम से जिन सामान की खरीद दिखाई गई है वह सामान नगर परिषद कैलारस में मिला ही नहीं।

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EOW ने घोटाला सामने आने के बाद मुकदमा दर्ज कराया है। मुकदमे में तत्कालीन अकाउंटेंट लक्ष्मण सिंह यादव, तत्कालीन अकाउंटेंट देव प्रकाश शर्मा, तत्कालीन टाइम कीपर/स्टोर कीपर शिवकुमार शर्मा के साथ तत्कालीन CMO संतोष शर्मा, तत्कालीन CMO अमजद गनी, तत्कालीन CMO संतोष सिहारे, तत्कालीन CMO रामवरण राजौरिया, तत्कालीन CMO अतर सिंह यादव को आरोपी बनाया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद से नगर परिषद कैलारस में हड़कंप मचा हुआ है

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